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राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में चिकित्सा व प्रशासनिक व्यवस्था सुधार

रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में डाक्टरों को मरीजों को दवा खरीदने के लिए पुर्जा थमाने से पहले एक बार सोचना होगा। दवा की अनुपलब्धता पर ही वे मरीजों को पुर्जा थमा सकेंगे। चिकित्सा व प्रशासनिक व्यवस्था सुधार के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पुर्जा व्यवस्था पर रोक को लेकर कई अनुशंसाएं की हैं। विभागीय मंत्री वैद्यनाथ राम ने कमेटी की अनुशंसाओं को लागू करने की हामी भी भरी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दवा की आपूर्ति यूनिट इंचार्ज की आवश्यकता के अनुसार सुनिश्चित की जाए। चिकित्सा पदाधिकारी, भंडार यह सुनिश्चित करेंगे कि भंडार में जो भी दवा उपलब्ध है, वह मरीजों को दिया जाए। अस्पताल से मरीजों को दवा लाने हेतु पुर्जा विशेष परिस्थिति में संबंधित यूनिट की सिस्टर इंचार्ज द्वारा अनुपलब्धता लिखे जाने के बाद ही दिया जाए। डाक्टर पुर्जा में छोटा हस्ताक्षर के बदले अपना पूरा नाम लिखें ताकि यह पता चल सके कि पुर्जा किसके द्वारा लिखा गया है। रिपोर्ट में प्रत्येक तल्ला पर औषधि उप भंडार बनाने तथा उन्हें चौबीसो घंटे खुले रखने की भी बात कही गई है।

इमर्जेसी सेवा में गैर शैक्षणिक विशेषज्ञों को लगाया जाए। सीनियर रेजिडेंट की कमी को दूर करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की अस्पताल में प्रतिनियुक्त हो। सिस्टरों के लिए भी कई निर्देश लागू करने की अनुशंसा की गई है। source


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